जहा जाए वहा दास्ताँ है हमारी

जहा जाए वहा दास्ताँ है हमारी

 

Hindi Shayari

 

अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है
इनकी नहीं चलती कही भी
हम जहा जाए वहा दास्ताँ है हमारी

Agar Khilaaf hai hone do jaan thodi hai

Yeh sab dhuaa hai Koi aasmaan thodi hai

Inki nahi chalti kahi bhi

Hum jaha jaaye waha daastan hai Hamari

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