हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है

हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है

Hindi Shayari

 

तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है…..!!!

Tu Mil gayi hai toh mujhpar Naraaz hai Khuda,
Kahta hai ki ab tu kuch mangta hi nahi..!!!

हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है

बुलंदी का नशा सिमतों का जादू तोड़ देती है,
हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है,
सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत ज़रूरी है,
तवायफ तक किसी मौके पे घुंघरू तोड़ देती है।

Bulandi Ka Nasha Simton Ka Jaadoo Tod Deti Hai,
Hawa Udate Huye Panchhi Ke Baajoo Tod Deti Hai,
Siyaasi Bhediyo Thodi Bahut Ghairat Jaroori Hai,
Tawayaf Bhi Kisi Mauke Pe Ghunghroo Tod Deti Hai.

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